राम रहीम ने तोड़े गुरु से किए तीन वादे, इसीलिए हुआ बर्बाद

"राम रहीम एक ऐसा शातिर इंसान है जिसने अपने भक्तों को ठगने से पहले ही अपने गुरू की पीठ में छुरा भोंका. ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि पापी बाबा राम रहीम अपने गुरु को दिए हुए वचनों तक से मुकर गया. 
राम रहीम एक ऐसा शातिर इंसान है
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इस बलात्कारी अपराधी ने अपने गुरु संत शाह सतनाम जी महाराज को धोखा दिया और वो सारे काम किए जो गुरु ने
इसे करने से मना किया था. शाह सतनाम महाराज को दिए तीन वचन जब गुरु संत शाह सतनाम जी महाराज ने बलात्कारी बाबा को डेरा प्रमुख बनाया था, तो उन्होंने राम रहीम से तीन वचन लिए थे. 

ये तीन सौगंध थीं- डेरे में कभी किसी साध्वी को नहीं रखना डेरे से अपने परिवार को दूर रखना और डेरे में कोई ट्रस्ट नहीं बनाना तोड़ दिया हर वचन अपने गुरु की गद्दी हथियाने के लिए राम रहीम ने ये तीनों सौगंध ले भी लीं, लेकिन शाह सतनाम महाराज की मौत के बाद उसने एक एक करके हर सौगंध को तोड़ दिया. वो न सिर्फ साध्वियों को डेरे में रखने लगा बल्कि छोटी छोटी लड़कियों को भी इसने डेरे के अंदर पनाह दे दी. उसका मकसद साफ था. वो आस्था की आड़ में अय्याशी करना चाहता था. 

घर वालों की तरफ से कोई विरोध न हो इसलिए उसने अपने परिवार को डेरे में अंदर जिम्मेदारी दी. पैसे जमीन और जायदाद देकर अपने परिवार को मालामाल कर दिया. इतना ही नहीं, बलात्कारी बाबा ने तो डेरे के नाम पर ट्रस्ट बना कर अरबों खरबों की संपत्ति जमा कर ली. डेरे का काम असहाय लोगों की मदद करना था लेकिन राम रहीम ने अपने अय्याशी के अड्डे में तब्दील कर दिया. बलात्कारी बाबा राम रहीम ने अपने गुरु शाह सतनाम जी महाराज के साथ धोखा किया. 

उन्होंने जिन बातों के लिए राम रहीम को मना किया इसने वही सारे काम किए. अगर राम रहीम ने शाह सतनाम जी की बातों को मान लिया होता. अगर वो एक संत की तरह रहता तो उसको बलात्कार के जुर्म में जेल नहीं जाना पड़ता. इस बाबा ने सिर्फ अपने गुरु के वचनों को नहीं तोड़ा, इसने डेरे को बदनाम भी किया और लाखों समर्थकों की आस्था पर चोट भी की है." - राम रहीम ने तोड़े गुरु से किए तीन वादे, इसीलिए हुआ बर्बाद

source uc nws

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