वैज्ञानिकों ने हाल ही में किए एक शोध में पाया है कि त्वचा में एक खास प्रोटीन की कमी के कारण एक्जिमा या खाज होता है. एटोपिक एक्सिमा त्वचा की एक आम स्थिति है और अक्सर यह बच्चों में उनके जीवन के पहले साल में पायी जाती है. यह उनके वयस्क होने पर
भी बनी रहती है. इसके गंभीर प्रभाव के रूप में स्वास्थ्य और नींद संबंधी विकार सामने आया है।
भी बनी रहती है. इसके गंभीर प्रभाव के रूप में स्वास्थ्य और नींद संबंधी विकार सामने आया है।
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| प्रोटीन की कमी के लक्षण व् इससे होने वाले नुकसान |
कब कितना जरूरी होता है प्रोटीन
किसी भी इंसान को प्रोटीन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होती है इसे उसकी उम्र से निर्धारित किया जा सकता है. शरीर के आकार और विकास से होता है. ज्यादा ग्रोथ होने के बाद भी शरीर में टिश्यू को बनाए रखने की खातिर प्रोटीन की आवश्यकता होती है. चोट लगने पर और गर्भावस्था में प्रोटीन की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है.
प्रोटीन के माध्यम
प्रोटीन के लिए मीट, मछली और अंडे का सफेद भाग काफी अच्छा जरिया हो सकता है. अगर आप शाकाहारी हैं तो फलियां, सभी तरह की दालें, सोयाबीन और उससे बने भोज्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, दूध और दूध से बने पदार्थ प्रोटीन के काफी अच्छे स्रोत हैं. इन्हें अपने भोजन में शामिल करें.
चेतावनी देते लक्षण
बेवजह कमजोरी और थकान महसूस होना, भागने, वजन उठाने, योग करने या किसी भी तरह से मेहनत का कोई काम करने में जल्द ही कमजोरी महसूस होने लगना, मांस पेशियों का थुलथुला महसूस होना शरीर में प्रोटीन की कमी के लक्षण हैं.चोट लगने पर जल्दी ठीक नहीं होना भी शरीर में प्रोटीन की कमी का हीं लक्षण माना जाता है.
अगर आपको लगता है कि बेवजह आपके बाल ज्यादा गिर रहे हैं, तो हो सकता है ये भी आपके शरीर में प्रोटीन की कमी की सूचना दे रहा हो.अगर आपको खाने की इच्छा बार-बार हो रही है, तो ये भी प्रोटीन की कमी के संकेत हो सकते हैं.जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होना भी इन बातो की तरफ संकेत है की
आपके शरीर में प्रोटीन की ज्यादा कमी है।
प्रोटीन की कमी से होने वाले नुकसान
शरीर में मौजूद टिश्यू के कार्य और कोशिकाओं में प्रोटीन काफी अहम भूमिका अदा करता है. ये शरीर के प्रतिरोधक तंत्र, हारमोंस, एंजाइम और रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मददगार होता है. साथ हीं प्रोटीन को बनाने में कोशिका की सहायक है. शरीर में प्रोटीन की कमी होने से मांस पेशियों की ताकत कम होने लगती है. प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.
इन लक्षणों से आप अपने शरीर में प्रोटीन की कमी को पहचान सकते हैं और समय रहते अपने खान-पान को सही कर प्रोटीन की कमी को दूर कर कई समस्याओं से खुद को निजात दिला सकते हैं.

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