खराब आहार, व्यायाम की कमी, मोटापा, और धूम्रपान के कारण कार्डियोवस्कुलर नामक रोग होता है जिसे ह्रद्य का रोग भी कहा जाता है।
आमतौर पर ह्रदय संबंधी रोगों के लिये स्मोकिंग को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन रोग तब भी हो सकता है जब आपके आसपास भी कोई धूम्रपान कर रहा हो। लेकिन हम अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करते हुए कुछ सामान्य उपाय अपनाकर इस रोग को नियंत्रित कर सकते है-
वैसे शराब का सेवन सेहत के लिये हानिकारक ही है। लेकिन अध्ययनों के मुताबिक शराब का थोड़ी सी मात्रा में सेवन सीवीडी के खिलाफ रक्षात्मक माना जाता है।
फलों, सब्ज़ियों और फिश का कम मात्रा में सेवन और फैटी चीज़ों का ज्यादा सेवन कार्डियोवस्कुलर खतरे को बढ़ाता है। डैश आहार जैसे- नट, मछली, फल और सब्जियां ज्यादा और मिठाई, लाल मांस और वसा में कम खाद्य पदार्थ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और स्वस्थ वजन को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
हफ्ते में सही प्रकार से किए गए व्यायाम ना केवल आपको कार्डियोवस्कुलर डिज़ीज से बचायेंगे बल्कि आपके शरीर को फिट रखते हुए और तमाम बीमारियों से आपको दूर रखेंगे। रक्त शर्करा नियंत्रण और रक्तचाप में सुधार, और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।
आमतौर पर ह्रदय संबंधी रोगों के लिये स्मोकिंग को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन रोग तब भी हो सकता है जब आपके आसपास भी कोई धूम्रपान कर रहा हो। लेकिन हम अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करते हुए कुछ सामान्य उपाय अपनाकर इस रोग को नियंत्रित कर सकते है-
वैसे शराब का सेवन सेहत के लिये हानिकारक ही है। लेकिन अध्ययनों के मुताबिक शराब का थोड़ी सी मात्रा में सेवन सीवीडी के खिलाफ रक्षात्मक माना जाता है।
फलों, सब्ज़ियों और फिश का कम मात्रा में सेवन और फैटी चीज़ों का ज्यादा सेवन कार्डियोवस्कुलर खतरे को बढ़ाता है। डैश आहार जैसे- नट, मछली, फल और सब्जियां ज्यादा और मिठाई, लाल मांस और वसा में कम खाद्य पदार्थ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और स्वस्थ वजन को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
हफ्ते में सही प्रकार से किए गए व्यायाम ना केवल आपको कार्डियोवस्कुलर डिज़ीज से बचायेंगे बल्कि आपके शरीर को फिट रखते हुए और तमाम बीमारियों से आपको दूर रखेंगे। रक्त शर्करा नियंत्रण और रक्तचाप में सुधार, और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।

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