राजगीर की वादियां भाती है महामहिम राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को

देश के 14वें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बिहार के राज्यपाल पद पर रहते हुए राजगीर की वादियों का कई बार दीदार किया है।

 उन्हें यहां की हरियाली व प्रकृति की छटा लुभा लेती है। उन्होंने अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ 1 जनवरी 2017 को सूबे के पहले इकोटूरिस्ट घोड़ाकटोरा डैम का भ्रमण किया था।
उनकी सादगी इतनी है कि उस दौरान घोड़ाकटोरा में भ्रमण पर आये पर्यटक के अनुरोध पर पर्यटक परिवार के साथ उन्होंने फोटो भी खिंचवायी थी। पर्यटक को भी यह मालूम न होगा कि आने वाले दिनों में वे देश के राष्ट्रपति होंगे जिनके साथ उनकी फोटो भी एक यादगार लम्हा बनकर रह जायेगी। इस दौरान राम नाथ कोविंद ने राजगीर के ऐतिहासिक स्थल बिम्बिसार कारागार, जरासंध का अखाड़ा, सोन भंडार, पाण्डु पोखर, वीरायतन, वेणुवन का भी भ्रमण किया था। उस समय डैम के पास आधा घंटा तक रूककर वादियों व डैम का लुफ्त उठाया था। श्री कोविंद 19 मार्च 2017 को भी उस समय राजगीर आये थे जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांफ्रेंस के समापन समारोह में भाग लेने आये थे। वहीं राम नाथ कोविंद जी की पत्नी सविता कोविंद व उनकी बेटी को भी राजगीर की वादियां व यहां की ऐतिहासिक स्थल काफी भाती थी। वे भी यहां प्रकृति के दीदार से अछूते नहीं रह सकीं। उन्होंने वेणुवन सहित अन्य स्थलों का भ्रमण किया था। इसके अलावा राम नाथ कोविंद को राजगीर की वादियां कई बार अपनी ओर खींच लाती है। वे जब वर्ष 2015 में 25 अक्टूबर 2015 को विश्व शांति स्तूप के वार्षिकोत्सव में भाग लेने आये थे तो उस समय भी उनकी पत्नी सविता कोविंद उनके साथ थीं। उन्होंने उस समय समारोह में जापान सहित अन्य देशों से आये हुए बौद्ध भिक्षुओं से संबोधित करते हुए कहा था कि बुद्ध के रास्ते पर चलकर ही विश्व में शांति कायम की जा सकती है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2016 को भी विश्व शांति स्तूप के 47वें वार्षिकोत्सव में भाग लेने आये थे। इसके अलावा 27 फरवरी 2017 को भी राम नाथ कोविंद बिहार राज्य होमियोपैथिक संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन में भाग लेने आये थे। उस समय भी उन्होंने अपने संबोधन में राजगीर की बखान करते हुए कहा था कि राजगीर एक काफी खुबसूरत स्थल है। अब जब महामहिम राम नाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बन गये हैं तो राजगीरवासियों के लिए यह गौरव की बात होगी कि वे राष्ट्रपति के रूप में यहां आयें और नगरी को गौरवान्वित करें।

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