हरियाणा। टीवी के बारें में कहा जाता है कि इसने हमारी संस्कृति को काफी कुछ बदल दिया है। टीवी देखने से बच्चों पर काफी असर पड़ता है ये बात तो सभी जानते है।
लेकिन हम आपकों एक ऐसे हैवान पिता की कहानी बताने जा रहे है जिसने क्राइम शो देखकर हैवानियत की सारे हदे पार कर दी। जी हां हरियाणा में एक हैवान पिता ने टीवी पर दिखाए जाने वाले क्राइम शो देखकर
अपनी 3 साल की मासूम बेटी की बलि दे दी। और यह सब आरोपी पिता ने तांत्रिक बनकर खूब पैसा कमाने के खातिर किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पिछे भेज दिया है।
दिल दहला देने वाली यह घटना फरीदाबाद के सिकरोना गांव के पास से गुजर रही गुड़गांव नहर की है। यह हैवान बन चुके आरोपी पिता एनआईटी निवासी धीरज बैंक में सफाईकर्मी था। पुलिस के अनुसार, यह हैवान क्राइम सीरियल देखने का बेहद शौकीन था, इन्हीं सीरियल को देखकर वह तांत्रिक बनना चाहता था।
बीते दिनों उसने तांत्रिक बनने के लिए सबसे पहले बलि देने की योजना बनाई और बलि के लिए उसने अपनी तीन साल की मासूम बेटी को ही चुन लिया। क्राइम ब्रांच इंचार्ज के अनुसार 11 जुलाई को धीरज अपनी बेटी को घुमाने के बहाने फरीदाबाद के सिकरोना गांव ले गया। वहां सुनसान जगह पर उसने अपनी बेटी का मुंह दबाया और फिर नहर में फेंककर उसकी बलि दे डाली।
बीते दिनों उसने तांत्रिक बनने के लिए सबसे पहले बलि देने की योजना बनाई और बलि के लिए उसने अपनी तीन साल की मासूम बेटी को ही चुन लिया। क्राइम ब्रांच इंचार्ज के अनुसार 11 जुलाई को धीरज अपनी बेटी को घुमाने के बहाने फरीदाबाद के सिकरोना गांव ले गया। वहां सुनसान जगह पर उसने अपनी बेटी का मुंह दबाया और फिर नहर में फेंककर उसकी बलि दे डाली।
यह हैवान पिता बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देने के बाद कोतवाली पहुंचा और बेटी के गायब होने की सूचना देकर अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया। लेकिन अगले ही दिन तफ्तीश के दौरान पुलिस को नहर से बच्ची की लाश बरामद हुई, लाश की शिनाख्त कर ली गई। लेकिन पुलिस को पुछताछ में इस हैवान पिता पर शक हो गया और जब उससे शक्ति से पूछताछ की गई तो धीरे-धीरे पूरे मामले का खुलासा हो गया।
सख्ती से पूछताछ में धीरज ने पुलिस के सामने बेटी की बलि देने की बात कबूल कर ली। आरोपी पिता ने कबूल किया कि तांत्रिक बनने की चाहत में उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। धीरज की मानें तो वह क्राइम सीरियल देखकर तांत्रिक बनना चाहता था। तांत्रिक बनने के पीछे उसका मकसद महज अकूत दौलत जमा करना था।
सख्ती से पूछताछ में धीरज ने पुलिस के सामने बेटी की बलि देने की बात कबूल कर ली। आरोपी पिता ने कबूल किया कि तांत्रिक बनने की चाहत में उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। धीरज की मानें तो वह क्राइम सीरियल देखकर तांत्रिक बनना चाहता था। तांत्रिक बनने के पीछे उसका मकसद महज अकूत दौलत जमा करना था।

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