डिंडौरी, । मटियारी गांव में व्यवस्था के आगे लाचार किसान बैल बनकर खेत में जुता। तंगहाल किसान को फसल बोने के लिए कोई चारा नजर नहीं आया तो वह पत्नी के साथ स्वयं बैल बनकर जुताई में लग गया।
मामला मीडिया तक पहुंचने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। कलेक्टर ने उसे बैल जोड़ी के लिए 30 हजार रुपए देने की बात कही है।
पीड़ित किसान गेंदू सिंह को विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के तहत 2009 में बैल जोड़ी मिलने का प्रकरण स्वीकृत हुआ था। योजना में फर्जीवाड़े से उसके नाम स्वीकृत प्रकरण में धानसिंह का फोटो लगाकर उसे बैल बेच दिए। 8 साल से परेशान किसान को न तो बैल मिले, न न्याय।


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